मुख्य द्वार निर्माण कार्य प्रगति
- Saraswati Seva Parivar
- Feb 28
- 4 min read
Updated: Mar 15
प्रथम अपडेट: 28 फरवरी | द्वितीय अपडेट: 15 मार्च

सिद्धपीठ माँ सरस्वती मंदिर, गम्हरिया परिसर में मुख्य द्वार (मेन गेट) के निर्माण कार्य का शुभारंभ 1 फरवरी, 2026 को किया गया। मंदिर परिसर के सौंदर्य एवं भव्यता को और अधिक बढ़ाने के उद्देश्य से यह निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है। इस ब्लॉग में हम आपको निर्माण कार्य की अब तक की प्रगति से अवगत कराएँगे।
निर्माण कार्य तेज गति से चल रहा है और मंदिर समिति के सभी सदस्य इस कार्य को समय पर पूर्ण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। श्रद्धालुओं के सहयोग एवं माँ सरस्वती की कृपा से यह कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ रहा है।
मुख्य द्वार की परिकल्पना
मुख्य द्वार का डिज़ाइन पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य कला से प्रेरित है। द्वार के शीर्ष पर माँ सरस्वती की प्रतीक वीणा का अंकन किया गया है, जो ज्ञान, संगीत एवं कला का प्रतीक है।

प्रस्तावित डिज़ाइन
मुख्य द्वार का प्रारूप — वीणा अंकित शीर्ष भाग
📋 निर्माण प्रगति — फरवरी 2026
निर्माण कार्य की अवधिवार प्रगति का विवरण नीचे प्रस्तुत है। प्रत्येक चरण में हुई प्रगति को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है।
📍1 फरवरी — निर्माण सामग्री का आगमन
निर्माण कार्य के प्रारंभिक चरण में सर्वप्रथम निर्माण स्थल पर आवश्यक सामग्री का संग्रहण किया गया। रेत, गिट्टी (कंकड़), सरिया (टीएमटी बार), ईंट एवं अन्य निर्माण सामग्री स्थल पर पहुँचाई गई। मंदिर परिसर के सम्मुख निर्माण स्थल को चिह्नित कर कार्य की तैयारी पूर्ण की गई।

📅 1 फरवरी, 2026
निर्माण स्थल पर रेत, गिट्टी, सरिया एवं अन्य निर्माण सामग्री का संग्रहण
📍 8 फरवरी — नींव एवं स्तंभ कार्य प्रारंभ
6 फरवरी को सामग्री आने के पश्चात शीघ्र ही नींव खुदाई एवं स्तंभों के निर्माण का कार्य प्रारंभ किया गया। मुख्य द्वार के दोनों ओर स्तंभों (पिलर) की नींव रखी गई तथा सरिये की बाइंडिंग का कार्य किया गया। इस चरण में भूमि को समतल कर निर्माण हेतु तैयार किया गया।

📅 8 फरवरी, 2026
मुख्य द्वार के स्तंभों की नींव एवं सरिया बाइंडिंग कार्य प्रगति पर
📍 13 फरवरी — स्तंभ निर्माण एवं ढलाई कार्य
13 फरवरी तक स्तंभों का निर्माण कार्य काफ़ी आगे बढ़ चुका था। कंक्रीट ढलाई (कास्टिंग) का कार्य पूर्ण किया गया और स्तंभ अपना आकार ले रहे थे। दोनों ओर के मुख्य पिलर सरिये की जाली (रीइन्फोर्समेंट) के साथ खड़े किए गए। इसी दिन निर्माण स्थल पर विभिन्न कार्य एक साथ चलाए गए।

📅 13 फरवरी, 2026
कंक्रीट स्तंभ का निर्माण — सरिया जाली एवं ढलाई कार्य
📍 15 फरवरी — ग्रिल स्थापना कार्य
15 फरवरी को मुख्य द्वार पर लोहे की ग्रिल (जाली) की स्थापना का कार्य प्रारंभ किया गया। विशेष रूप से तैयार की गई अलंकृत ग्रिल को स्तंभों के मध्य स्थापित किया गया।

📅 15 फरवरी, 2026
मुख्य द्वार पर अलंकृत लोहे की ग्रिल (जाली) की स्थापना
📍 21 फरवरी — बांस का ढाँचा एवं द्वार संरचना
21 फरवरी तक द्वार की मुख्य संरचना अपने आकार में आ चुकी थी। ऊपरी भाग के निर्माण हेतु बाँस का मचान (स्कैफोल्डिंग) तैयार किया गया। ग्रिल पूरी तरह से स्थापित हो चुकी थी और अब शीर्ष भाग एवं सजावटी तत्वों के निर्माण का कार्य प्रगति पर था।

📅 21 फरवरी, 2026
बाँस के मचान के साथ मुख्य द्वार की संरचना — ग्रिल स्थापित, शीर्ष निर्माण जारी
📍 28 फरवरी — फरवरी अंत स्थिति
आज 28 फरवरी तक मुख्य द्वार का निर्माण कार्य अच्छी प्रगति पर है। द्वार की मूल संरचना लगभग पूर्ण हो चुकी है। ग्रिल, स्तंभ एवं शीर्ष का अलंकृत ढाँचा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बाँस का मचान अभी भी शीर्ष भाग के कार्य हेतु लगा हुआ है।

📅 28 फरवरी, 2026
मुख्य द्वार की वर्तमान स्थिति — संरचना लगभग पूर्ण, अंतिम कार्य शेष
📋 मार्च 2026 — निर्माण प्रगति
📍 2 मार्च — स्तंभ (पिलर) का विस्तार
मार्च माह के प्रारंभ में स्तंभों (पिलर) के विस्तार का कार्य आरंभ हुआ। मुख्य द्वार के दोनों ओर के स्तंभों को ऊपर की ओर बढ़ाया गया ताकि शीर्ष संरचना — जिसमें नामफलक एवं वीणा अलंकरण शामिल होगा — के लिए पर्याप्त ऊँचाई प्राप्त हो सके। योजना-चित्र (स्कीमैटिक) के अनुरूप स्तंभों को सही ऊँचाई तक ले जाना इस चरण का मुख्य उद्देश्य था।

📅 2 मार्च, 2026
स्तंभ (पिलर) का विस्तार — शीर्ष संरचना के लिए ऊँचाई बढ़ाई गई
📍 7 मार्च — डिज़ाइन मेहराब के ऊपर भराई कार्य
7 मार्च तक डिज़ाइन किए गए मेहराब (आर्च) के ऊपर भराई (फ़िलर) का कार्य पूर्ण किया गया। योजना-चित्र में दर्शाए गए अलंकृत मेहराब के ऊपरी हिस्से को कंक्रीट एवं गारे से भरकर समतल बनाया गया। यह कार्य नामफलक क्षेत्र की नींव तैयार करने के लिए अत्यंत आवश्यक था। चित्र में स्पष्ट दिखता है कि मेहराब के ऊपर का क्षेत्र अब भरकर तैयार हो रहा है।

📅 7 मार्च, 2026
डिज़ाइन मेहराब के ऊपर भराई कार्य — नामफलक क्षेत्र की तैयारी
📍 15 मार्च — नामफलक क्षेत्र का निर्माण (वर्तमान स्थिति)
15 मार्च 2026 — आज तक की नवीनतम प्रगति। शीर्ष पर नामफलक क्षेत्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है। योजना-चित्र (स्कीमैटिक) में दर्शाए गए अनुसार, इस क्षेत्र में मंदिर का नाम "सिद्धपीठ माँ सरस्वती मंदिर, गम्हरिया" उत्कीर्ण किया जाएगा। बाँस का मचान शीर्ष भाग तक बढ़ा दिया गया है और निर्माण कार्य तेज़ गति से चल रहा है।

📅 15 मार्च, 2026
नामफलक क्षेत्र का निर्माण — शीर्ष पर मंदिर नाम हेतु स्थान बनाया जा रहा है
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🔄 निरंतर अपडेट
यह ब्लॉग निर्माण कार्य की प्रगति के साथ-साथ निरंतर अपडेट किया जाता रहेगा। जैसे-जैसे मुख्य द्वार के निर्माण में नए चरण पूर्ण होंगे, हम उनके चित्र एवं विवरण यहाँ जोड़ते रहेंगे। प्लास्टर, रंगाई, वीणा अंकन, नामफलक स्थापना एवं अन्य सजावटी कार्यों की प्रगति भी इसी ब्लॉग में समय-समय पर साझा की जाएगी।
ॐ सरस्वत्यै नमः
सिद्धपीठ माँ सरस्वती मंदिर, गम्हरिया




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